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Showing posts from April, 2018

Wife के नाम पर खरीदा है फ्लैट तो साबित करनी होगी अपनी इनकम

आम तौर पर लोग अपनी वाइफ के नाम पर घर खरीदते हैं। कानूनी तौर पर इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वाइफ के नाम पर घर की रजिस्‍ट्री कराने पर रजिस्‍ट्रेशन चार्ज में छूट मिलती है लेकिन अगर आपने 30 लाख रुपए से अधिक कीमत के फ्लैट या प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री कराई है तो सरकार इसके बारे में आपसे वाइफ से हिसाब मांग सकती है कि इसके लिए पैसा कहां से आया। 30 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के लिए जरूरी है पैन नए नियमों के तहत 30 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के लिए पैन डिटेल देना जरूरी हो गया है। ऐसे में अगर किसी ने अपनी वाइफ के नाम पर प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री कराई है और उसकी वाइफ इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल नहीं करती हैं तो सरकार उनको नोटिस देकर पूछ सकती है कि आपके पास प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैसा कहां से आया और इस पैसे पर इनकम टैक्‍स दिया गया है या नहीं। आपको साबित करना होगा पैसा आपकी इनकम का है अगर आपने अपने इनकम के पैसे अपनी पत्‍नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है और उनको इनकम टैक्‍स विभाग से नोटिस आता है तो आप की वाइफ जवाब दे सकती है कि यह पैसा आपकी इनकम का है। इसके ...

इंक्रीमेंट होने पर सिप की रकम बढ़ा दें, फायदे में रहेंगे

म्यूचुअल फंड के सिप में मामूली रकम बढ़ाकर आप लंबे समय में अच्छा पैसा बना सकते हैं. मसलन अगर आप हर महीने 1,000 रुपये 20 साल तक जमा करते हैं तो 12 फीसदी रिटर्न की दर से कुल रकम 9.99 लाख रुपये बन जाएगी. लेकिन, मासिक सिप में अगर आप हर साल सिर्फ 10 फीसदी का इजाफा करते रहें तो अंत में आपके हाथ में 19.89 लाख रुपये आएंगे. यानी करीब-करीब दोगुनी. सैलरी न बढ़े तोॽ उस स्थिति में आपको देखना चाहिए कि क्या आप अपने खर्चों को घटा सकते हैं.यह पूरी तरह से निवेशक पर निर्भर करता है कि वह निवेश की रकम बढ़ाने के लिए तैयार है या नहीं. उनकी मदद जरूर की जा सकती है. उन्हें बताया जा सकता है कि कहां वे खर्चों में कटौती कर सकते हैं.

छोटे स्टॉक्स ने किया इक्विटी फंड्स के बड़े रिटर्न का इंतजाम

पिछले एक साल में स्मॉल कैप स्टॉक्स ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के लिए मिड कैप्स और लार्ज कैप्स के मुकाबले ज्यादा वेल्थ क्रिएट की है। 30 से ज्यादा स्मॉल कैप्स अभी डोमेस्टिक फंड मैनेजरों के टॉप फेवरिट्स में शामिल हैं और ये अगले सालभर में 1000 पर्सेंट से ज्यादा चढ़ सकते हैं। वैल्यूरिसर्चऑनलाइनडॉटकॉम पर अवलेबल डेटा के अनुसार, स्मॉल कैप पर फोकस वाले इक्विटी फंड्स ने औसतन 21 पर्सेंट रिटर्न दिया, वहीं मिड कैप, मल्टी कैप और लार्ज कैप ओरिएंटेड फंड्स ने क्रमश: 15 पर्सेंट, 14.79 पर्सेंट और 13.39 पर्सेंट रिटर्न दिया।

आज से 6 राज्यों में लागू हुआ इंट्रा स्टेट ई-वे बिल,11 राज्य हुए लिस्ट में शामिल

देश में पांच राज्यों में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू करने के बाद सरकार ने देश के छह और राज्यों बिहार, झारखंड, हरियाणा, मध्‍य प्रदेश, त्रिपुरा और उत्‍तराखंड में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल आज 20 अप्रैल से लागू कर दिया है। अब इन राज्यों के अंदर भी 50 हजार रुपए से अधिक का माल ट्रांसपोर्ट करने पर ई-वे बिल बनवाना अनिवार्य होगा। अब 11 राज्यों में लागू हुआ इंट्रा स्टेट ई-वे बिल इससे पहले 15 अप्रैल से देश के पांच राज्‍यों आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश में इंट्रा-स्‍टेट ई-वे बिल सिस्‍टम लागू हो चुका है। आज 20 अप्रैल से छह और राज्यों बिहार, झारखंड, हरियाणा, मध्‍य प्रदेश, त्रिपुरा और उत्‍तराखंड में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू हो चुका है। अब कुल मिलाकर देश के 11 राज्यों में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल शुरू हो चुका है। ई-वे बिल बिना किसी परेशानी के लागू होने के बाद सरकार इसे फेज वाइज अन्य राज्यों में लागू कर रही है।

30,000 की मंथली इनकम वाला भी बना सकता है 4 करोड़ का फंड

अगर आप की मंथली इनकम 30,000 रुपए है तो आप फ्यूचर में 4 करोड़ रुपए का फंड बना सकते हैं। आपको इसके लिए अपनी मंथली इनकम का 15 फीसदी बचाना होगा और आपको निवेश के लिए सही इन्‍वेस्‍टमेंट इंस्‍ट्रूमेंट चुनना होगा। कहां करें निवेश लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने के लिए इक्विटी म्‍यूचुअल फंड सबसे अच्‍छे ऑप्‍शन में से एक है। इन्‍वेस्‍टमेंट के ऑप्‍शन के तौर पर इक्विटी फंड ने लंबी अवधि में दूसरे विकल्‍पों से बेहतर नतीजे दिए हैं। हालांकि इसमें निवेश करने पर आपको मार्केट से जुड़ा रिस्‍क उठाने के लिए तैयार रहना होगा। हालांकि आप लंबी अवधि के लिए प्‍लानिंग करके इस रिस्‍क का सामना कर सकते हैं। आप सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लानिंग (एसआईपी) के जरिए म्‍यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। बढ़ाते रहें एसआईपी आज आपकी मंथली इनकम 30,000 है। आप हर माह इनकम का 15 फीसदी यानी हर माह 4500 रुपए म्‍युचुअल फंड एसआईपी में निवेश कर रहे हैं। सालाना सैलरी हाइक और महंगाई की वजह से समय के साथ आपकी इनकम बढ़ेगी। मान लेते हैं कि आपकी औसत सालाना इनकम 8 फीसदी बढ़ती है। आपकी मंथली एसआईपी भी इसी अनुपात में बढ़नी चाहिए। ऐ...

6 साल में आपकी सेविंग हो जाएगी 12 लाख, चेक करें कैलकुलेशन

अगर आप 6 साल में 10 लाख रुपए या इससे अधिक का फंड बनाना चाहते हैं तो आपको पैसा ऐसी जगह निवेश करना होगा जहां आपको कम जोखिम वाले ऑप्‍शन जैसे पीपीएफ और टैक्‍स सेविंग बैंक एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न मिले। आप इक्विटी में निवेश कर अधिकतम रिटर्न हासिल कर सकते हैं लेकिन हर आदमी सीधे शेयर, स्‍टॉक ओर बांड में निवेश करने में खुद को सहज नहीं पाता है। ऐसे लोगों के लिए म्‍युचुअल फंड में निवेश एक बेहतर ऑप्‍शन है। म्‍युचुअल फंड में सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान यानी एसआईपी के जरिए निवेश किया जा सकता है। 12 लाख रुपए के लिए हर माह कितना करना होगा निवेश आपको एसआईपी में हर माह 10,000 रुपए से निवेश शुरू करना होगा और हर साल एसआईपी में 1,000 रुपए इजाफा करना होगा। अगर आपके निवेश पर सालाना 12 फीसदी रिटर्न मिलता है तो छह साल में आपका कुल फंड 12,85,452 रुपए हो जाएगा। आप इसे टेबल के जरिए आसानी से समझ सकते हैं। साल    हर माह एसआईपी में निवेश     साल में निवेश किया गया अमाउंट     साल के अंत में निवेश की वैल्‍यू 1st     ...

इस शेयर में दो साल में 10,000 का निवेश बना ₹1 लाख

भंसाली इंजीनियरिंग पॉलीमर्स (बीईपीएल) के शेयर ने अपने शानदार रिटर्न से निवेशकों को मालामाल कर दिया है. दो साल में कंपनी के शेयर ने 1,000 फीसदी रिटर्न दिया है. इसकी वजह कंपनी का बेमिसाल प्रदर्शन है. वित्त वर्ष 2017-18 लगातार चौथा साल है, जब भंसाली इंजीनियरिंग ने नेट प्रॉफिट में 100 फीसदी से अधिक की वृद्धि दिखाई है. यह पेट्रोकेमिकल सेक्टर की स्मॉलकैप कंपनी है. अगर आपने दो साल पहले कंपनी के शेयर में 10 हजार रुपये लगाए होते तो आज वे एक लाख बन गए होते.

खुशखबरी, टीसीएस के शेयरधारकों को शानदार डिविडेंड, बोनस शेयर भी

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरधारकों के लिए खुशखबरी है. देश की इस सबसे बड़ी आर्इटी कंपनी ने अपनी 50वीं वर्षगांठ पर शेयरधारकों को शानदार डिविडेंड देने का एलान किया है. कंपनी 29 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी. इसके अलावा शेयरधारकों को एक शेयर पर एक बोनस शेयर भी मिलेगा.

इनकम टैक्स रेट Income Tax Rates Financial Year 2017-18

नये इनकम टैक्स रेट New Income Tax Rates इनकम टैक्स स्लैब फाइनेंशियल साल यानि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए. वित्त मंत्री ने आम आदमी को नये बजट में आज आय कर में राहत दी गयी है। आईये देखें कि किस प्रकार से यह राहत हम और आप पर असर करेगी। New IT Slabs / Income Tax Rates for Individuals Financial Year 2017-18, Assessment Year 2018-19 वित्त मंत्री ने 2.5 लाख से 5 लाख के स्लैब में इनकम टैक्स 10% से घटा कर 5% कर दिया है . इसी के साथ धारा 87A के तहत मौजूदा छूट (वर्तमान में 5 लाख रुपये की आय के तक) 3.5 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये के बीच की कमाई वाले व्यक्तियों के लिए मौजूदा 5000 रुपये से कम करके 2500 रुपये करने का प्रस्ताव है। नए प्रस्ताव से तीन लाख रुपये तक की आय पर देय इनकम टैक्स जीरो हो जाएगा. धारा 80C में दिए गए प्रावधान के अनुसार 1.5 लाख निवेश करने पर 4.5 लाख तक की आय पर देय इनकम टैक्स जीरो होगा. सरचार्ज 50 लाख से 1 करोड़ तक की आय पर 10% सरचार्ज और 1 करोड़ से अधिक की आय पर 15% सरचार्ज लगेगा .

सबसे पहले लें टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान, सारी जरूरतें कर देता है पूरी

देश में अभी भी लोग बीमा तो करा लेते हैं, लेकिन उन्‍हें पता नहीं होता है कि उन्‍होंने क्‍या फीचर लिया है। इंश्‍योरेंस सेक्‍टर के जानकारों के अनुसार हर व्‍यक्ति को कम से कम एक टर्म प्‍लान जरूर लेना चाहिए। यह न सिर्फ सस्‍ते होते हैं, बल्कि इनमें बीमा राशि भी ज्‍यादा होती है। आजकल टर्म प्‍लान के साथ कई सारे फीचर भी आ रहे हैं, जिनसे यह टर्म प्‍लान काफी आकर्षक हो गए हैं। कुछ कंपनियों ने परिवार के सदस्‍यों की पढ़ाई के खर्च से लेकर लोन को चुकाने तक के राइडर उपलब्‍ध कराए हैं। कम प्रीमियम में ज्‍यादा बीमा टर्म प्‍लान में कम प्रीमियम पर बहुत ज्‍यादा राशि का बीमा मिलता है। अगर कोई हादसा होता है तो इस पैसे से परिवार को पूरी तरह से वित्‍तीय सुरक्षा मिल सकती है। अगर 18 साल का एक नॉन स्‍मोकिंग वाला व्‍यक्ति इस तरह का प्‍लान लेना चाहे तो वह हर माह 622 रुपए या 7287 हजार रुपए वार्षिक किस्‍त पर 1 करोड़ रुपए का प्‍लान ले सकता है। इस तरह के प्‍लान ढेर सारी कंपनियां दे रही हैं, लेकिन यहां पर उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का iProtect Smart प्‍लान लिया गया है। अन्‍य कंपनियों के प्‍लान प्रीमियम में...

मार्च में MF इन्वेस्टर्स ने निकाले 50 हजार Cr, इक्विटी में इन्वेस्टमेंट 20 माह के लो पर

निवेशकों ने मार्च 2018 में म्‍युचुअल फंड से 50 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा पैसा निकाल लिया है। सबसे ज्‍यादा पैसा लिक्विड और डेट फंड से निकाला गया है। यह जानकारी एम्‍फी की तरफ से जारी आंकड़ों में सामने आई है। इसके अनुसार इक्विटी फंड में 20 महीने में सबसे कम निवेश इस बार मार्च में आया है। यह निवेश 2954 करोड़ रुपए रहा है। जानकार इसे मोदी सरकार की तरफ से बजट में लाए गए 10 फीसदी लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स (LTCG) का असर भी बता रहे हैं। इक्विटी फंड का बुरा रहा हाल मार्च 18 में इक्विटी फंड में 2,954 करोड़ रुपए का ही निवेश आया है। यह निवेश पिछले 20 माह में किसी महीने आए निवेश में सबसे कम है। इससे पहले जुलाई 2016 में 2221 करोड़ रुपए का निवेश आया था। जानकारों की राय है कि इक्विटी फंड में निवेश में यह कमी बजट में लागू किए गए टैक्‍स के नए नियम हैं। इनके तहत 10 फीसदी लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स (LTCG) लगाया गया है। किसी भी निवेशक को अगर अब 1 लाख रुपए से ज्‍यादा का LTCG का फायदा होता है, तो उसे यह टैक्‍स देना होगा। शेयरखान के निदेशक इन्‍वेस्‍टमेंट सॉल्‍यूशन स्‍टीफन के अनुसार नए टैक्‍स नियमों ...

अप्रैल में है मौका, एक रिक्‍वेस्‍ट से डबल हो जाएगा आपके PF का पैसा

अगर आप प्राइवेट सेक्‍टर में नौकरी करते हैं तो अप्रैल में आपके पास एक शानदार मौका है। आम तौर पर प्राइवेट सेक्‍टर में कंपनियां अप्रैल में अपने कर्मचारियों का अप्रेजल करती हैं। अप्रेजल के समय आपकी सैलरी स्‍ट्रक्‍चर में बदलाव होता है। ऐसे में आप अपनी कंपनी से अपना पीएफ कंट्रीब्‍यूशन बढ़ाने की रिक्‍वेस्‍ट कर सकते हैं। बढ़ जाएगा आपका कॉन्ट्रिब्यूशन अगर कंपनी आपकी रिक्‍वेस्‍ट मान लेती है। तो आपके पीएफ अकाउंट में हर माह जाने वाला आपका कंट्रीब्‍यूशन बढ़ जाएगा। इससे रिटायरमेंट पर आपके पीएफ का पैसा डबल या इससे भी ज्‍यादा हो जाएगा। इस बार कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन ने इम्‍पलाईज प्रॉविडेंट फंड यानी ईपीएफ पर 8.55 फीसदी ब्‍याज की सिफारिश की है। मौजूदा समय में किसी भी सरकारी स्‍कीम में यह सबसे ज्‍यादा ब्‍याज है। ऐसे में अपना पीएफ कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा कर पीएफ पर अधिक ब्‍याज का फायदा भी उठा सकते हैं। क्‍या है नियम इम्‍पलाई प्रॉविडेंट फंड एक्‍ट के अनुसार ईपीएफओ का कोई भी मेंबर पीएफ में अपना मंथली कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकता है। हर माह पीएफ में बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी कर्मचारी का कंट्...

इन ट्रांजैक्‍शन पर है मोदी सरकार की नजर, रहें अलर्ट

10 लाख रुपए कैश डिपॉजिट की जानकारी नियमों के तहत अगर आप बैंक में एक फाइनेंशियल ईयर में एक या कई अकाउंट में कुल 10 लाख रुपए या इससे अधिक कैश जमा कराते हैं तो इस बात की जानकारी बैंक इनकम टैक्‍स विभाग को देगा। इसके आधार पर इनकम टैक्‍स विभाग आपसे इस पैसे का सोर्स पूछ सकता है। आगे की स्‍लाइड में जानें 10 लाख रुपए फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर क्‍या होगा 10 लाख रुपए फिक्‍स डिपॉजिट अगर कोई व्‍यक्ति एक फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख रुपए या इससे अधिक फिक्‍स्ड डिपॉजिट कराता है तो बैंक को इसकी जानकारी इनकम टैक्‍स डिपॉर्टमेंट को देनी होगी। ऐसे में किसी के लिए भी इनकम टैक्‍स रिटर्न में अपनी इनकम को कम दिखाना महंगा पड़ सकता है। 1 लाख रुपए क्रेडिट कार्ड बिल का कैश पेमेंट बैंक को 1 लाख रुपए इससे अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट की जानकारी भी इनकम टैक्‍स विभाग को देनी होगी। इसके अलावा एक फाइनेंशियनल ईयर में 10 लाख रुपए या इससे अधिक का क्रेडिट कार्ड ड्यू सेटल करने के लिए किसी भी मोड चेक, ऑनलाइन या कैश से किए गए पेमेंट की जानकारी बैंक को इनकम टैक्‍स विभाग को देनी होगी। 2.5 लाख रुपए कैश डिपॉजिट इनकम टैक...

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में लगाएं पैसा, बचत खाते से डबल मिलेगा रिटर्न

अगर आज के दौर में 50 हजार से 1 लाख रुपए मंथली सैलरी है तो बहुत ज्यादा बचत संभव नहीं हो पाती है। नौकरीपेशा वालों में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनकी मंथली बचत 2, 3 या 5 हजार रुपए तक ही हो पाती है। ऐसे में बहुत से लोग इस बचत को बैंक की सेविंग अकाउंट में रखते हैं या इस तरह की किसी और स्कीम का विकल्प चुनते हैं। लेकिन हम आपको बता दें कि कुछ ऐसी स्कीम है, जिसके जरिए आप अपने बचत के पैसों पर ज्यादा फायदा पा सकते हैं, वह भी बेहद की सुरक्षित तरीके से। असल में जब बचत कम हो तो उसे ऐसी जगह भी निवेश नहीं कर सकते हैं, जहां बाजार जोखिम के अधीन हो। ऐसे में अपने बचत खाते के पैसों पर ज्यादा रिटर्न पाने का एक तरीका हम आपको बता रहे हैं। इसके लिए आप पोस्ट ऑफिस की एक स्माल सेविंग स्कीम का चुनाव कर सकते हैं, जहां बचत खाते की बजाए पैसे डालकर आप उन पैसों पर अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। खास बात है कि इस स्कीम में आप 10 रुपए मंथली से भी निवेश कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड्स कैसे खरीदें

ऑफलाइन : म्यूचुअल फंड में ऑफलाइन निवेश करने के लिए आप किसी financial intermediary यानी वित्तीय मध्यस्थ की सेवा का उपयोग कर सकते हैं. इन्हें म्यूचुअल फंड वितरक कहा जाता है. आप सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय या रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट के कार्यालय में जा कर भी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। कोई बैंक, गैर बैंकिंग वित्त कंपनी या व्यक्तिगत वित्तीय सलाहकार म्यूचुअल फंड वितरक हो सकते है। ऑनलाइन : म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन निवेश करने के लिए आप म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी की साईट पर जा कर ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं. यहाँ जा कर आपको अपना खाता बनाना होगा और एक यूजर आईडी और पासवर्ड बनाना होगा. आपको अपनी पसंद का फण्ड चुनना होगा और कितना निवेश करना है यह बताना होगा. आप अपनी जानकारी के लिए म्यूच्यूअल फंडों के प्रकार पढ़ सकते हैं. आप एसेट मैनेजमेंट कंपनी में फ़ोन करके भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के नाम और वेब पते हमने अपनी पिछली पोस्ट में दिए थे. यदि आपका किसी ब्रोकर के पास Demat डीमैट खाता है तो आप ब्रोकर से भी म्यूचुअल फंड खरीद सकते हैं. इस प...

यहां 210 रुपए से शुरू करें निवेश, सरकार देगी 5000 रुपए महीना

हम यहां आपको सरकार की अटल पेंशन योजना के बारे में बता रहे हैं। इस योजना से देश का कोई भी नागरिक जुड़ सकता है जो 18 साल से 40 साल की उम्र के बीच हो। इस योजना से जुड़ने के लिए बैंक में एक बचत खाता और आधार कार्ड होना जरूरी है। इसमें योगदान करने की मिनिमम अवधि 20 साल है। लेकिन अगर आप कम उम्र में योजना से जुड़ते हैं तो आपको ज्यादा फायदा मिलेगा।

Be cautious as volatility to increase on earnings; 3 fundamental picks can give up to 18% return

Next week will be quite important for Indian stock market due to results heavy week. On Monday, the market will react on Infosys’s quarterly earnings. Apart from that many prominent midcap companies will be out with numbers like Cyient, DCB Bank, ICICI Securities, Jay Bharat Maruti, 5PAISA Capital, CRISIL, Muthoot Capital, Tata Sponge. Thursday, 19th will be the most crucial day for the market as two major Nifty companies, IndusInd Bank and TCS, will declare their quarterly numbers.

Market stuck in a range? Options can still help you generate high returns

The market often keeps oscillating in a narrow band which doesn’t leave much opportunity for traders in the Futures market to participate, or even if they trade mean-reversion; minor whipsaws at the bounds are common to eat away stop losses yet doesn’t yield a high return. Options traders have an edge in trading while the market is oscillating and there are strategies to generate high returns from the instrument going nowhere. Result season is on the card and Open Interest has a very high congestion around at the money which generally pushes the market into an oscillation and below are two strategies to help you generate returns in an oscillating market.

In Q4 earnings, IT, auto, retail could be winners; banks, pharma to lag

The recovery in earnings that India Inc witnessed last quarter is expected to broadly sustain this time around as well. We expect the Nifty to clock a percentage earnings growth in the low double digits for FY18, thereby breaking free from a three-year long phase of earnings stagnation. As a sector, information technology was a surprise winner last quarter, and is expected to continue its winning streak in the March quarter as well. However, commentary and guidance are seen assuming greater importance than earnings numbers. The other winning sectors are likely to be discretionary consumption plays like automobile and retail, select pockets in industrial sectors like roads and railways, and metals and mining, as well as non- banking finance companies.

FIIs pull out $250 mn from India amid trade war & geopolitical worries

The Nifty is likely to consolidate above the important support of 10,350. We have seen writing in 10,300 and 10,400 Put options. Hence, any decline in the Nifty should find immediate support above 10,350 for some time. As the Nifty has been absorbing global headwinds in the current up move, the upcoming quarterly results on the domestic front would be keenly watched.

New to Mutual Funds? Tips for a beginner

First time investors in Mutual Funds act in the face of imperfect information and often get overwhelmed by uncertainties characterizing the investment situation. But theres more to Mutual Fund investing than market timing. First things first.. The first thing an aspiring unit holder must do is to establish what type of portfolio he wants to build. In other words, to decide the right asset allocation. Asset allocation is a method that determines how you invest your money in different investments with the proper mix of various asset classes. Remember, the type or class of security you own i.e. equity, debt or money market, is much more important than the particular security itself. The popular thumb rule for asset allocation says that whatever the investors age, he should keep that percentage of his portfolio in debt instruments. For example, if an investor is 25, he should have 25% of his investments in debt instruments and the rest in equity. However, in reality, different circumsta...

आप 250 रुपये में कर सकेंगे बुलेट ट्रेन की सवारी

क्या आप देश की पहली बुलेट ट्रेन की सवारी करना चाहते हैं, लेकिन किराया ज्यादा होने से डर रहे हैं? अगर ऐसा है तो डर अपने मन से निकाल दीजिए. मुंबई से अहमदाबाद के बीच देश की पहले बुलेट ट्रेन का किराया 250 से 3,000 रुपये के बीच होगा. एक सीनियर अफसर ने यह जानकारी दी. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के एमडी अचल खरे ने यहां बुलेट ट्रेन के संभावित किराये के बारे में बताया. उन्होंने किरायों को लेकर पहला आधिकारिक संकेत दिया.

म्यूचुअल फंड क्या है, इसमें कैसे करें निवेश?

क्या आप म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में निवेश करते हैं? निवेश करने से पहले म्यूचुअल फंड को जान लेना बहुत जरूरी है. इससे आपको निवेश के फैसले लेने में मदद मिलेगी. आइए जानते हैं क्या है म्यूचुअल फंड? हम आपको यह भी बता रहे हैं कि आप इसमें कैसे निवेश कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसे जुटाती हैं. इस पैसे को वे शेयरों में निवेश करती हैं. इसके बदले वे निवेशकों से चार्ज भी लेती हैं. जो लोग शेयर बाजार में निवेश के बारे में बहुत नहीं जानते, उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश का अच्छा विकल्प है. निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से म्यूचुअल फंड स्कीम चुन सकते हैं. म्यूचुअल फंड में कैसे करें निवेश? आप किसी म्यूचुअल फंड की वेबसाइट से सीधे निवेश कर सकते हैं. अगर आप चाहें तो किसी म्यूचुअल फंड एडवाइजर की सेवा भी ले सकते हैं. अगर आप सीधे निवेश करते हैं तो आप म्यूचुअल फंड स्कीम के डायरेक्ट प्लान में निवेश कर सकते हैं. अगर आप किसी एडवाइजर की मदद से निवेश कर रहे हैं तो आप किसी स्कीम के रेगुलर प्लान में निवेश करते हैं. अगर आप सीधे निवेश करना चाहते हैं तो आपको उस म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर जान...

आपको जल्द वेल्थ मैनेजमेंट सेवाएं भी देगी पेटीएम

देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम आपको वेल्थ मैनेजमेंट सेवाएं भी देगी. कंपनी इसके लिए एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) से बात कर रही है. पेटीएम मनी के एक बड़े एग्जिक्यूटिव ने यह जानकारी दी. पेटीएम मनी, पेटीएम की वेल्थ मैनेजमेंट यूनिट है. पेटीएम मनी एप स्टोर पर जल्द ही अलग एप के रूप में उपलब्ध होगा. कंपनी शुरू में 12 एएमसी के साथ सेवाएं शुरू कर रही है. बाद में वह 25 से ज्यादा एएमसी को अपने साथ जोड़ेगी. कंपनी ने अपनी सेवाओं के लिए कुछ ग्राहकों का रजिस्ट्रेशन भी कर लिया है.

इंफोसिस के कमजोर अनुमान से निवेशक चिंतित

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के नतीजे शुक्रवार को पेश कर दिए. आईटी क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी ने वित्त वर्ष 2018-19 में अपनी आय 7-9% (डॉलर में) बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया है. बीते वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 7.2 फीसदी था. करेंसी की दर स्थिर मानने पर यह ग्रोथ करीब 6 से 8 फीसदी के बीच रहेगी. आय में बढ़ोतरी के इस अनुमान से निवेशक खुश नहीं हैं.

Taking over 100 trades a day, this IT engineer has earned his financial freedom

Trader Mark Weinstein during his interview with Jack Schwager for the book Market Wizards made an interesting observation. When I trade at home, he says, I often watch the sparrows in my garden. When I feed them bread, they take just a little piece at a time and fly away. They keep on flying back and forth, taking small bits of bread. They may have to make a hundred stabs at a piece of bread to get what a pigeon gets at one time, but that is why a pigeon is a pigeon. You will never be able to shoot a sparrow, it is just too fast.

आपके लिए गोल्ड बॉन्ड में निवेश का मौका, ऑनलाइन पेमेंट पर मिलेगी छूट

अगर आप सरकारी गोल्ड बॉन्ड में ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो आपको कीमत में छूट मिलेगी. सोमवार से सरकार इस वित्त वर्ष में गोल्ड बॉन्ड के पहले खेप की बिक्री शुरू करेगी. आप गोल्ड बॉन्ड में न्यूनतम 1 ग्राम सोने में निवेश कर सकेंगे. पूरे वित्त वर्ष यानी 2018-19 के दौरान आप गोल्ड बॉन्ड के जरिए अधिकतम 4 किलोग्राम सोने में निवेश कर सकते हैं. हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए निवेश की सीमा 20 किलोग्राम है .

सेंसेक्स में 112 अंकों की बढ़ोतरी, रुपये में मामूली कमजोरी

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के वित्त वर्ष 2017-18 के नतीजे भी घोषित होंगे। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बढ़त के साथ खुले। सेंसेक्स 32213 के स्तर पर कारोबार करते हुए देखा गया। वहीं निफ्टी 32 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 10491 पर खुला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.4 फीसदी बढ़ा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में भी 0.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 फीसदी तक उछला है।

इंफोसिस ने किया चौथी तिमाही का परिणाम घोषित, मुनाफा 28 प्रतिशत घटा

वित्तवर्ष 2018 की चौथी तिमाही के लिए आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपने परिणाम बताए हैं. इसके अनुसार मुनाफा 28 फीसदी घटकर 3,690 करोड़ रुपये हो गया है. वित्तवर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 5,129 करोड़ रुपये था. इसी के सात इंफोसिस ने 20.5 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है. वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में इंफोसिस की आय 1.6 फीसदी बढ़कर 18,083 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस की आय 17,794 करोड़ रुपये रही थी. वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय 275.5 करोड़ डॉलर रही थी.