अगर आप प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं तो अप्रैल में आपके पास एक शानदार मौका है। आम तौर पर प्राइवेट सेक्टर में कंपनियां अप्रैल में अपने कर्मचारियों का अप्रेजल करती हैं। अप्रेजल के समय आपकी सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव होता है। ऐसे में आप अपनी कंपनी से अपना पीएफ कंट्रीब्यूशन बढ़ाने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
बढ़ जाएगा आपका कॉन्ट्रिब्यूशन
अगर कंपनी आपकी रिक्वेस्ट मान लेती है। तो आपके पीएफ अकाउंट में हर माह जाने वाला आपका कंट्रीब्यूशन बढ़ जाएगा। इससे रिटायरमेंट पर आपके पीएफ का पैसा डबल या इससे भी ज्यादा हो जाएगा। इस बार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने इम्पलाईज प्रॉविडेंट फंड यानी ईपीएफ पर 8.55 फीसदी ब्याज की सिफारिश की है। मौजूदा समय में किसी भी सरकारी स्कीम में यह सबसे ज्यादा ब्याज है। ऐसे में अपना पीएफ कंट्रीब्यूशन बढ़ा कर पीएफ पर अधिक ब्याज का फायदा भी उठा सकते हैं।
क्या है नियम
इम्पलाई प्रॉविडेंट फंड एक्ट के अनुसार ईपीएफओ का कोई भी मेंबर पीएफ में अपना मंथली कंट्रीब्यूशन बढ़ा सकता है। हर माह पीएफ में बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी कर्मचारी का कंट्रीब्यूशन जाता है। वहीं 12 फीसदी ही कंपनी का कंट्रीब्यूशन होता है। कोई भी कर्मचारी अपना मंथली कंट्रीब्यूशन बढ़ा सकता है। यह बेसिक सैलरी का 100 फीसदी भी हो सकता है।
15,000 बेसिक सैलरी पर कितना बनेगा रिटायरमेंट फंड
आप अपने पीएफ का पैसा ऐसे डबल कर सकते हैं। हम आपको उदाहरण के जरिए बता रहे हैं। मोहित कुमार प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं और उनकी उम्र 30 साल है। मोहित 58 साल की उम्र में रिटायर होंगे। मौजूदा समय में उनकी बेसिक सैलरी 15,000 रुपए और हर माह बेसिक सैलरी का 12 फीसदी पीएफ में जाता है। कंपनी के कंट्रीब्यूशन का 3.16 फीसदी पीएफ फंड में जाता है। पीएफ पर साल 2017-18 में 8.65 फीसदी रहा है। अगर उनकी सैलरी में हर साल 10 फीसदी इजाफा मान लें तो 28 साल में उनका कुल पीएफ फंड 1 करोड़ 24 लाख के आसपास होगा।
हम यहां आपको सरकार की अटल पेंशन योजना के बारे में बता रहे हैं। इस योजना से देश का कोई भी नागरिक जुड़ सकता है जो 18 साल से 40 साल की उम्र के बीच हो। इस योजना से जुड़ने के लिए बैंक में एक बचत खाता और आधार कार्ड होना जरूरी है। इसमें योगदान करने की मिनिमम अवधि 20 साल है। लेकिन अगर आप कम उम्र में योजना से जुड़ते हैं तो आपको ज्यादा फायदा मिलेगा।
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