आम तौर पर लोग अपनी वाइफ के नाम पर घर खरीदते हैं। कानूनी तौर पर इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वाइफ के नाम पर घर की रजिस्ट्री कराने पर रजिस्ट्रेशन चार्ज में छूट मिलती है लेकिन अगर आपने 30 लाख रुपए से अधिक कीमत के फ्लैट या प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराई है तो सरकार इसके बारे में आपसे वाइफ से हिसाब मांग सकती है कि इसके लिए पैसा कहां से आया।
30 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए जरूरी है पैन
नए नियमों के तहत 30 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए पैन डिटेल देना जरूरी हो गया है। ऐसे में अगर किसी ने अपनी वाइफ के नाम पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराई है और उसकी वाइफ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करती हैं तो सरकार उनको नोटिस देकर पूछ सकती है कि आपके पास प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैसा कहां से आया और इस पैसे पर इनकम टैक्स दिया गया है या नहीं।
आपको साबित करना होगा पैसा आपकी इनकम का है
अगर आपने अपने इनकम के पैसे अपनी पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है और उनको इनकम टैक्स विभाग से नोटिस आता है तो आप की वाइफ जवाब दे सकती है कि यह पैसा आपकी इनकम का है। इसके बाद इनकम टैक्स विभाग आपसे इस बारे में सवाल करेगा। अब आप को इनकम टैक्स विभाग के सामने साबित करना होगा कि यह पैसा आपकी इनकम का है।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो हो सकती है दिक्कत
ऐसे केस में अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं आपको दिक्कत हो सकती है। इनकम टैक्स विभाग पूछ सकता है कि आपकी इनकम कितनी है और आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल क्यों नहीं कर रहे हैं। सालाना 2.5 लाख रुपए से अधिक इनकम वालों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी है। लेकिन अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं और यह आपकी वैध इनकम का पैसा है तो आपको कोई दिक्कत नहीं होगी।
हम यहां आपको सरकार की अटल पेंशन योजना के बारे में बता रहे हैं। इस योजना से देश का कोई भी नागरिक जुड़ सकता है जो 18 साल से 40 साल की उम्र के बीच हो। इस योजना से जुड़ने के लिए बैंक में एक बचत खाता और आधार कार्ड होना जरूरी है। इसमें योगदान करने की मिनिमम अवधि 20 साल है। लेकिन अगर आप कम उम्र में योजना से जुड़ते हैं तो आपको ज्यादा फायदा मिलेगा।

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